











लोग पढ़ लेते है मेरे दिल की बात,
अब मुझ से तेरे गमो की हिफाज़त नहीं होती।
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बचपन मेँ क्लास की डेस्क पर कंपास से तेरा नाम लिखा था...
आज तक दिल मेँ उसकी खरोच बाकी है..
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..माँ-पापा पर एक बेहतरीन रचना !...
जिसकी कोख से जन्म होता : वह माँ
जिसके पेट पर खेलने में मजा आता : वह पिता !
जो धारण करती : वह माँ
जो सिंचन करता : वह पिता !
जो गोद में लेकर सहलाती : वह माँ
जो हाथों में धर कर ऊंचा उठाता : वह पिता!
जो उंगली पकड़कर चलना सिखाती: वह माँ
जो कंधों पर लेकर दौड़ना सिखाता : वह पिता!
जो डूब-डूब गगरी करती: वह माँ
जो हर-हर गंगे करता : वह पिता!
जो आँचल तले दबाती: वह माँ
जो पिंजड़े से बाहर निकालता : वह पिता!
जो व्याकुल होती : वह माँ
जो संयम सिखाता : वह पिता!
जो आशीर्वचन जैसी: वह माँ
जो नमस्कार तुल्य : वह पिता!
जिसके सिवा जीवन नहीं : वह माँ
जिसके सिवा भविष्य नहीं: वह पिता!!...
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अतर से कपड़ों को महकाना बड़ी बात नहीं,
मज़ा तो तब है जब किरदार से खुशबु आये..l
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आज सुबह के न्यूज़ पेपर में मुझे एक पेम्फलेट मिला जिसमे लिखा था -
"क्या आप शराबी हैं? तुरंत हमें काल करें, हम आपकी मदद कर सकते हैं "
मेरी बीबी पीछे पड़ गयी के तुरंत काल करके बात करो ।
मैंने काल किया । ...........
वो एक शराब दुकान का आफर था -
"दो बोतल के साथ एक बोतल फ्री"
मेरे तो ख़ुशी के आंसू निकल गये ।
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मंगलसूत्र खींचने वाले को ३ साल की कैद,
मंगलसूत्र पहनाने वाले को उम्रकैद
घोर अन्याय!!!
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दहेज़ में बहु क्या लायी...
ये सबने पूछा...
लेकिन एक बेटी क्या क्या छोड़ आई...
किसी ने सोचा ही नहीं...
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यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे यह होते :-
बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम, ईमान !
पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान !!
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तेवर और जेवर......सम्भाल के रखने की चीज है,
यूँ बात बात में हर किसी को दिखाए नहीं जाते !!
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ईस व्हाट्सअँप के चक्कर में दिमाग के नट बोल्ट ढीले हो गये हैं..
एक सेकंड में मिजाज़ शायराना हो जाता है और अगले ही सेकंड में देश भक्ति जाग ऊठती हैं.
ऊसके फौरन बाद सनी लिओनी आकर मूड एक्टिवेट करती है...
तभी अचानक कोई ग्यानी भगवान बुद्ध और विवेकानन्द की चार लाईने भेजकर मुड का सत्यानाश करता है.
ऊसके बाद कोई दुखी आत्मा बिवीयों पर जोक भेजकर अपनी मर्दानगी साबित करने की कोशिश करता है।
और जब थोड़ा सकुन मिलने का समय आने ही वाला होता है, तब एक डरावना फारवर्ड साई के नामसे आता है कि ईसे दस लोगों को भेजो तो लाटरी लगेगी वर्ना सत्यानाश होगा।
इसके बाद दिमाग का दहीबड़ा तब होता है जब कोई क्विज ले के आता है।
मनुष्य का इतने तेजी से ह्रदय परिवर्तन तो सिर्फ व्हाट्सअँप पर ही हो सकता है।
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