जब से उसने बारिशों में भीगना छोड़ दियाबादलों ने मेरे शहर पर बरसना छोड़ दिया....======ये भी अच्छा हुआ कि,कुदरत ने रंगीन नही रखे ये आँसू .वरना जिसके दामन में गिरते,वो भी … बदनाम हो जाता …======Husband ko market jaate huye Wife ne paise dekar kaha:Kuch aisi cheez laana jis se main aapko SUNDAR dikhu.Husband khud k liye Whisky ki 2 Bottle le aaya..======पारो ने कहा शराब छोड़ दो,....................बस उसके बाद फिर पारो से कभी बात नहीं हुई======मकान चाहे कच्चे थेलेकिन रिश्ते सारे सच्चे थे...चारपाई पर बैठते थे, पास पास रहते थे...सोफे और डबल बेड आ गए, दूरियां हमारी बढा गए....छतों पर अब न सोते हैंबात बतंगड अब न होते हैं..आंगन में वृक्ष थेसांझे सुख दुख थे...दरवाजा खुला रहता थाराही भी आ बैठता था...कौवे भी कांवते थेमेहमान आते जाते थे...इक साइकिल ही पास थाफिर भी मेल जोल था...रिश्ते निभाते थेरूठते मनाते थे...पैसा चाहे कम थामाथे पे ना गम था...मकान चाहे कच्चे थेरिश्ते सारे सच्चे थे...अब शायद कुछ पा लिया हैपर लगता है कि बहुत कुछ गंवा दिया======हमने चलना छोड़ दिया है पैदल अब इन राहों में,टूटे हुए वादों के टुकड़े चुभते हैं अब पाँव में.======Santa was driving car very fast.Trafic police caught him.Santa-Sir, I am learning driving.Police-without Teacher?Santa-ya, its correspondence Course...
Vijay Pithadia, Fellow IETE, PhD https://www.srkinstitute.in/DirectorMsg ORCID ID: 0009-0003-8222-4306 M: +91 989 842 2655 https://scholar.google.com/citations?hl=en&user=F2-1SQ8AAAAJ