I am Hindu... by accident - Jawaharlal NehruTo talk of Hindu culture would injure India's interests. By education I am an Englishman, by views an internationalist, by culture a Muslim, and I am a Hindu only by accident of birth. The ideology of Hindu Dharma is completely out of tune with the present times and if it took root in India, it would smash the country to pieces. - Prime Minister Jawaharlal NehruRef: Violation of Hindu HR - Need for a Hindu nation - III, by V Sundaram (Retd. IAS Officer)
(This is the reason for referring Nehru as Mr. Nehru instead of Pandit Nehru. - Editor)
one of my friend sent the poser..
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नेहरू से पहले ....नेहरू की पीढ़ी इस प्रकार है .... 1. गंगाधर नेहरु 2. राज कुमार नेहरु 3. विद्याधर नेहरु 4. मोतीलाल नेहरु 5. जवाहर लाल नेहरु गंगाधर नेहरु (Nehru) उर्फ़ GAYAS - UD - DIN SHAH जिसे GAZI की उपाधि दी गई थी ....GAZI जिसका मतलब होता है (KAFIR - KILLER)...इस गयासुद्दीन गाजी ने ही मुसलमानों को खबर (मुखबिरी ) दी थी की गुरु गोबिंद सिंह जी नांदेड में आये हुए हैं , इसकी मुखबिरी और पक्की खबर के कारण ही सिखों के दशम गुरु गोबिंद सिंह जी के ऊपर हमला बोला गया, जिसमे उन्हें चोट पहुंची और कुछ दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी. ......और आज नांदेड में सिक्खों का बहुत बड़ा तीर्थ-स्थान बना हुआ है...... जब गयासुद्दीन को हिन्दू और सिक्ख मिलकरचारों और ढूँढने लगे तो उसने अपना बादल लिया और गंगाधर राव बन गया, और उसे मुसलमानों ने पुरस्कार के रूप में अलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में इशरत मंजिल नामक महल/हवेली दिया, जिसका नाम आज आनंद भवन है ....आनंद भवन को आज अलाहाबाद में kangress का मुख्यालयबनाया हुआ है इशरत मंजिल के बगल से एक नहर गुजरा करती थी, जिसके कारण लोग गंगाधर को नहर के पास वाला, नहर किनारे वाला, नहरवाला, neharua , आदि बोलते थे जो बाद में गंगाधर नेहरु अपना लिखने लगा इस प्रकार से एक नया उपनाम अस्तित्व मेंआया नेहरु और आज समय ऐसा है की एक दिन अरुण नेहरु को छोड़कर कोई नेहरु नहींबचा ...अपने आप को कश्मीरी पंडित कह कर रह रहा था गंगाधर क्यूंकि अफगानी था और लोग आसानी से विश्वास कर लेते थे क्यूंकि कश्मीरी पंडित भी ऐसे ही लगते थे. अपने आप को पंडित साबित करने के लिए सबने नाम के आगे पंडित लगाना शुरू कर दिया पंडित गंगाधर नेहरु पंडित विद्याधर नेहरु पंडित मोतीलाल नेहरु पंडित जवाहर लाल नेहरु लिखा .. और यही नाम व्यवहार में लाते गए ...... पंडित जवाहर लाल नेहरु अगर कश्मीर का था तो आज कहाँ गया कश्मीर में वो घर आज तो वो कश्मीर में कांग्रेस का मुख्यालय होना चाहिए जिस प्रकार आनंदभवन कांग्रेस का मुख्यालय बना हुआ हैइलाहाबाद में....ये कहानी इतनी पुरानी भी नहीं है की इसके तथ्य कश्मीर में मिल न सकें .... आज हर पुरानी चीज़ मिल रही है .......... चित्रकूट में भगवन श्री राम के पैरोंके निशान मिले, लंका में रावन की लंका मिली, उसके हवाई अड्डे, अशोक वाटिका, संजीवनी बूटी वाले पहाड़ आदि बहुत कुछ.... समुद्र में भगवान श्री कृष्ण भगवान् द्वारा बसाई गई द्वारिका नगरी मिली , ....................करोड़ों वर्ष पूर्व की DINOSAUR केअवशेष मिले..
,. तो 150 वर्ष पुराना कश्मीर में नकली नेहरू का अस्तित्व ढूंढना क्या कठिन है ????? ......दुश्मन बहुत होशिआर है हमें आजादी के धोखे में रखा हुआ है...